राज रसोई रेस्टोरेंट

प्लान बना एक पार्टी का।
जगह तय हुई – राज रसोई रेस्टोरेंट पर।
काम बँटा – खाने की पसंद जिम्मेदारी निशु ने ली, पीने-पिलाने का बिकाश ने संभाला, और माहौल बनाने की जिम्मेदारी दिलचंद की कंधों पर थी।


पार्टी वाले दिन सबने एक बार फिर वही पुराना अंदाज़ अपनाया – हँसी, मज़ाक, और एक-दूसरे की टांग खींचना। विकास ने चिकन लोली पॉप से लेकर पनीर तंदूरी तक, सब कुछ बना रखा था। निशु की 'खास कलेक्शन' ने महफिल को और रौशन कर दिया।
हम – हमेशा की तरह सबसे शांत – लेकिन मुस्कुराहट से सबका दिल जीत लेने वाली निशु और हम? हम वो थे जो सबको फिर से एकसाथ लाए, एक पुराने एल्बम की तरह, जिसमें हर पन्ना यादों से भरा था।





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