संदेश

राज रसोई रेस्टोरेंट

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  बहुत दिनों के बाद चार पुराने दोस्त – हम, दिलचंद, विकास और निशु – एक ही शहर में थे। कॉलेज के दिनों की यारी, साथ बिताए वो बिंदास पल, और अब ज़िंदगी की दौड़ में सब अलग-अलग रास्तों पर निकल गए थे। लेकिन इस बार सबने ठान लिया – मिलना है,और ऐसा मिलना कि यादगार बन जाए। प्लान बना एक पार्टी का। जगह तय हुई – राज रसोई रेस्टोरेंट पर। काम बँटा – खाने की पसंद जिम्मेदारी निशु ने ली, पीने-पिलाने का बिकाश ने संभाला, और माहौल बनाने की जिम्मेदारी दिलचंद की कंधों पर थी। पार्टी वाले दिन सबने एक बार फिर वही पुराना अंदाज़ अपनाया – हँसी, मज़ाक, और एक-दूसरे की टांग खींचना। विकास ने चिकन लोली पॉप से लेकर पनीर तंदूरी तक, सब कुछ बना रखा था। निशु की 'खास कलेक्शन' ने महफिल को और रौशन कर दिया। हम – हमेशा की तरह सबसे शांत – लेकिन मुस्कुराहट से सबका दिल जीत लेने वाली निशु और हम? हम वो थे जो सबको फिर से एकसाथ लाए, एक पुराने एल्बम की तरह, जिसमें हर पन्ना यादों से भरा था। दिन बढ़ती गई, ठहाकों की आवाज़ तेज़ होती गई। गानों की गूंज, लाइट्स की चमक, और दोस्तों की यारी – एक ऐसी पार्टी बनी, जिसे हम सब सालों सालों तक या...

शिक्षा ऋण माफ़

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Patna Pink Bus Fare:

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 बिहार की राजधानी पटना में महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लेडीज स्पेशल पिंक बस सेवा की शुरुआत की गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को इस सेवा का शुभारंभ करते हुए 20 बसों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें से 5 रूट पर पटना में बसें चलाई जा रही हैं.

I LOVE BIHARSHARIF

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  बिहारशरीफ  (Biharsharif)  भारत  के  बिहार  राज्य के  नालंदा ज़िले  में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। इस क्षेत्र के लोग मगही भाषा बोलते हैं। यहाँ मगही बहुत ही प्रचलित भाषा हैं।बिहार शरीफ का रेलवे स्टेशन जक्शन बन गया हैं।बिहार शरीफ से एक रेलवे लाइन बरबीघा की ओर जा रहा हैं |  बिहारशरीफ का पुराना नाम उदंतपुरी था और अब फिर इसका नाम उदंतपुरी किया जा चुका है अरे बदलाव अपने संस्कृति आवश्यकता है बिहारशरीफ़ 10वीं शताब्दी में  पाल राजवंश  की राजधानी रहा था। यहाँ पर पाँचवीं शताब्दी का  गुप्त काल  का एक स्तंभ है और यहाँ मस्जिदें और मक़बरे हैं। बिहारशरीफ़ में एक विशाल  बौद्ध बिहार  (बौद्ध ज्ञान प्रतिष्ठान) ओदंतपुरी है, जिस पर बिहार का नाम पड़ा है। 1869 में इसका नगरपालिका के रूप में गठन हुआ था।  पटना  से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित बिहारशरीफ़ प्राचीन काल में  मगध  की राजधानी था। यहाँ पर  भगवान बुद्ध  ने उपदेश दिए थे। इसके निकट ही यहाँ बौद्ध काल का प्रसिद्ध  नालन्दा विश्वविद्याल...

जन्म दिन

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रोज़ डे हर साल 7 फरवरी को मनाया जाता है, और मेरा जन्म दिन यह वैलेंटाइन वीक की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लोग अपने प्रियजनों को गुलाब देकर अपनी भावनाओं का इज़हार करते हैं। गुलाब प्यार, स्नेह, और प्रशंसा का प्रतीक है, और विभिन्न रंगों के गुलाबों का अलग-अलग अर्थ होता है। यहाँ कुछ सामान्य गुलाबों के रंग और उनके अर्थ दिए गए हैं:  * लाल गुलाब: प्यार और रोमांस का प्रतीक  * पीला गुलाब: दोस्ती और खुशी का प्रतीक  * गुलाबी गुलाब: प्रशंसा और आभार का प्रतीक  * सफ़ेद गुलाब: पवित्रता और मासूमियत का प्रतीक  * नारंगी गुलाब: उत्साह और जुनून का प्रतीक आप अपनी भावनाओं के अनुसार सही रंग का गुलाब चुन सकते हैं और इसे अपने प्रियजनों को देकर उन्हें खास महसूस करा सकते हैं। रोज़ डे के अलावा, वैलेंटाइन वीक में और भी कई खास दिन होते हैं, जैसे कि प्रपोज़ डे, चॉकलेट डे, टेडी डे, प्रॉमिस डे, हग डे, और किस डे। इन सभी दिनों का अपना महत्व है और लोग इन्हें अपने प्रियजनों के साथ मनाकर अपने रिश्ते को और भी मजबूत बनाते हैं।   🩷  युवराज पासा  🩷

सरस्वती पूजा युवा संघ

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 देवी सरस्वती हिन्दू धर्म में ज्ञान, कला और संगीत की देवी मानी जाती हैं। मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण ने सबसे पहले देवी सरस्वती की पूजा की थी। मां सरस्वती के पूजन के दौरान अगर उनके 108 नाम व विशेष श्लोकों का जाप किया जाए तो भक्तों को देवी सरस्वती की कृपा से विद्या, बुद्धि व करियर में सफलता मिलती है।   सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर अपने ग्राम के वासी मिलकर और सहयोग से सामाजिक भावनाओं को प्रकट किया है सरस्वती पूजा के अवसर में हम लोग को गांव में आने का मौका मिलता है और सभी दोस्तों सभी पुराने दोस्तों एक साथ मिलकर खुशी मिलती है और अपने सरस्वती मां को आवाहन के लिए पूजा करते हैं अपने दिल दिमाग से एकाग्रता की और बढ़ते एक नजर शांति मिलता है इतना सुकून मिलता है एक अलग सुख मिलता है मां की पूजा में लीन होकर सुकून मिलता है हम अपने सारे काम को छोड़कर मां की पूजा में इतना प्रसन्न होते हैं इतना भावुक हो जाते हैं इतना भावुक हो जाते हैं जैसे लगता है एक मिट्टी में भी जान आ जाती हैबहुत अच्छा लगता है जब सहयोग सबका साथ मिलता है  यह बचपन की यादें हमेशा नहीं रखते कभी खास होते तो कभी कोई पास ...

राजवीर महोत्सव जुबिन नौटियाल

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  राजगीर महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें खास अतिथि जुबिन नौटियाल की सोरों से गूंज उठा राजगीर  सबसे अहम भूमिका बिहार का नालंदा जिले के डीएम की है जो उन्होंने अपने अच्छे व्यवस्था करवाई और खास व्यंजनों का मेला भी लगाया गया तरह-तरह के मेला किसान मेला किताब का आयोजन किया गया